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Showing posts from December, 2018

28 अगस्त , राजेन्द्र यादव की स्मृति में..

नब्बे के दशक में वो पहली बार था जब एक प्रतिष्ठित पत्रिका के संपादक ने हिंदी में दलित साहित्य पर पहली गोष्ठी कराई थी. उस गोष्ठी के माध्यम से लोगों को पहली बार यह पता चला कि हिं...

मंगल पांडेय : संयोग से बना और थोपा हुआ नायक

मंगल पांडेय के बारे में आम धारणा है कि वह वीर देशभक्त सैनिक थे और उनकी कथित शहादत के असर की वजह से 1857 की क्रांति घटित हुई. यह इतिहास के नाम पर अनेक बार बोला गया वह झूठ है जो अब हमार...